राज्य

प्रदेश एक्सप्रेस - ज्योतिरादित्य सिंधिया का सीएम शिवराज को खत

Posted by Divyansh Joshi on



1
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह विशेष विमान से इंदौर पहुंचे। एयरपोर्ट पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया, इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और महापौर मालिनी गौड़ भी उपस्थित रहीं। इसके बाद वे सैफी नगर के लिए रवाना हो गए, जहां वे 40 मिनट रुकेंगे।
2
मध्यप्रदेश के गुना क्षेत्र में लगातार बारिश से किसानों को फसलों का काफी नुकसान हुआ है। किसानों की उड़द और सोयोबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जिसे लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर किसानों को फसल बीमा भुगतान करने के लिए कहा है। सिंधिया ने अपनी चिठ्ठी में लिखा है कि हाल ही में प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र में लगातार अधिक वर्षा होने के कारण उड़द एवं सोयाबीन की फसलें पूर्ण रुप से बर्बाद हो गईं।जल्द से जल्द सर्वे करवाया जाए और उसके अनुसार किसानों को फसल बीमा की राशि उपलब्ध करवाई जाए।
3
मध्यप्रदेश में जातिवाद संग्राम के सुलगने के बाद पहली बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सामान्य पिछड़ा एंव अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मान्यता सहित 4 सूत्रीय मांगों पर सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में चर्चा की।सपाक्स के अध्यक्ष एवं सचिव ने बताया कि पदोन्नति में आरक्षण पूर्णतरू समाप्त हो तथा शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट से अपील वापस ली जाए।
4
शिक्षा के मामले में फिसड्डी मप्र सरकार अब गुणवत्ता सुधारने के नाम पर नया प्रयोग करने जा रही है, जिसे अमल में लाने के लिए प्रदेश के 19 हजार स्कूलों को बंद कर दिया जाएगाद्य इसके लिए सरकार एक स्कूल-एक परिसर की अवधारणा पर काम करने जा रही है। करीब 35 हजार सरकारी स्कूलों को मर्ज किया जाएगा, जिसके बाद 15961 स्कूल रह जाएंगेद्य पहली से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं एक ही स्कूल भवन में लगेंगी।
5
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले अलग अलग संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर है। एससी एसटी एक्ट और जातिगत आरक्षण के खिलाफ जहां सवर्णों ने बिगुल फूंक दिया है, और सपाक्स संगठन ने भी ताल ठोक दी है और चुनाव में भी उतरने को तैयार है। वहीं अब पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने की मांग उठी है। ओबीसी-एससी-एसटी एकता मंच ने इस मांग को लेकर 16 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।