प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - नोटबंदी पूरी तरह फेल हो गई

Posted by Divyansh Joshi on



केंद्र शासित भाजपा सरकार औऱ बड़ बोले प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी पर मुश्किलों के बांध मडराने लगे है । राफेलडील को लेकर विपक्ष लगातार हमले बोल ही रही है अब आर बी आई की सलाना रिपोर्ट ने नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसलों की पोल खोल दी । आज से 21 महीने पहले 8 नवंबर 2016 को कालेधन पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 500 और 1000 के नोट महज कागज़ का एक टुकड़ा रह जाएंगे. नोटबंदी की घोषणा करते हुए नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी से होने वाले फ़ायदों में काले धन से लेकर चरमपंथ और आतंकवाद पर अंकुश लगाने तक को शामिल किया गया था.

अब नोटबंदी की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आरबीआई ने अपनी एक रिपोर्ट भी पेश कर दी है। जिसके अनुसार 99.3 प्रतिशत नोट बैंको में वापस आ गए है मतलब नोटबंदी के बाद सिर्फ 0.7 फीसदी पुराने नोटों की वापसी नहीं हुई है । जबकि नीति आयोग ने ही कहा था कि नोटबंदी के बाद करीब 10 प्रतिशत पैसा वापस नहीं आएगा क्योंकि यह ब्लेक करंसी है । लेकिन 99.3 फीसदी पैसा वापस आना यह दिखाता है कि देश का काला धन या तो सफेद हो गया या फिर देश में काला धन था ही नहीं । तो ये सवाल उठता है कि क्या नोटबंदी असफल रही.. आरबीआई के लगभग सारे चलन से बाहर किये गए नोटों के व्यवस्था में लौट आने की घोषणा करने के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज कहा कि नोटबंदी विफल हो गयी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “सजा” का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। जितने नोट मार्किट में थे उनमे से ज़्यादातर बैंकों में वापस आ गए इसलिए नोटबंदी पूरी तरह से फ़ेल हो गयी.. न ब्लैक मनी वापस आयी न भ्रष्टाचार रुका३ लोग बेहद परेशान हुए सो अलग. अब नोटबंदी की हो रही आलोचनाओं का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब दिया है। उन्होंने बैंकिंग सिस्टम से बाहर मौजूद करंसी को अमान्य करना ही नोटबंदी का एकमात्र लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का एक बड़ा उद्देश्य भारत को श्गैर कर अनुपालनश् समाज से कर अनुपालन में बदलना था। इसका लक्ष्य अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाना और कालेधन पर प्रहार भी था। वहीं दूसरी ओर राफेल डील को लेकर भी विपक्ष लगातार हमलावर है कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि जो हवाई जहाज 520 करोड़ रुपए में मिल सकता है उसके लिए भाजपा सरकार ने 1600 करोड़ रुपए की डील की । उन्होने सीधा सीधा सवाल उठाया कि यह किसे फायदा पहुचाने के लिए किया जा रहा है ।