प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - विवादों में घिरी जनआशीर्वाद यात्रा

Posted by Divyansh Joshi on



एक तरफ जहां प्रदेश सरकार स्कूल चले हम जैसे प्रोग्राम चला रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की जनआर्शीवाद यात्रा में स्कूलों से बच्चो को लाकर कई कई घंटो तक उनके हांथ में बैनर-पोस्टर लिए खड़े रखा जा रहा है वहीं कुछ दिन पहले ही सीएम शिवराज के पुत्र कार्तिकेय चैहान के सिहोर दौरे मे भी बच्चो को कई घंटो तक खड़ा रखा गया जिसके कारण कई बच्चे चक्कर खाकर बीमार हो गए ।और उन्हे देर शाम तक अस्पताल ले जाया गाया। अब खुद मुख्यमंत्री की जनआर्शीवाद यात्रा में बच्चो को बुलाया जा रहा है जिसको लेकर अब काग्रेस ने आपति जताई है । ताजा मामले में 7 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की जनआर्शीवाद यात्रा सिवनी पहुची थी जहां मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए स्कूली बच्चों को लगाया गया था. नन्हे-मुन्ने बच्चे हांथ में बैनर-पोस्टर लिए खड़े रहे.स्कूली ड्रेस पहने यह बच्चे मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहे थे । जिसको लेकर कांग्रेस ने राजनीतिक यात्रा में स्कूली बच्चों को तैनात करने पर आपत्ति जतायी है। सिवनी में छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को जन आशीर्वाद यात्रा के कार्यक्रम में लगा दिया गया था बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर बैनर-पोस्टर 2लिए घंटों यहां सीएम शिवराज के स्वागत के लिए खड़े रहे कांग्रेस ने जन आशीर्वाद यात्रा के ये फोटो भी जारी किए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने गुरुवार को दिल्ली जाकर इसकी शिकायत पीएम नरेंद्र मोदी से करने की बात कही है । तो वहीं कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने कांग्रेसप्रतिनिधी मंडल के साथ बाल अधिकार संरक्षण आयोग पहुचकर इसकी शिकायत की । उन्होने कहा कि स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई के बीच में मुख्यमंत्री शिवराज के स्वागत में खड़े रहते है जो कि अमानवीय है और बाल अपराध है । वहीं इसका जवाब देते हुए भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि जितना काम सीएम ने बच्चो के लिए किया है उसका धन्यवाद देने के लिए बच्चे अपने मामा से मिल रहे है।
हालांकि इन सबके बीच सुप्रीम कोर्ट के नियम अनुसार किसी भी राजनैतिक कार्यक्रम में स्कूली बच्चो को नहीं ले जाया जा सकता । बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का भी कहना है कि किसी भी राजनैतिक कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को नहीं ले जाया जाता है ।
अब एक तरफ स्कूली बच्चों को राजनीतिक कार्यक्रमो मे ले जाया जा रहा है तो वही कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर भुनाने की तैयारी मे है । लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस राजनीतिक लड़ाई में स्कूली बच्चो का भविष्य भी खराब हो रहा है ।