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एम.पी.लाइव-नीति आयोग की कृषि-मनरेगा समिति की हुई बैठक

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में नीति आयोग की कृषि-मनरेगा समिति की हुई बैठक
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भोपाल में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मेलन को किया संबोधित

1 राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं की सोच, परिस्थिति और कार्यों में परिवर्तन और जागृति आई है। वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अब महिलाओं को आगे बढ़ने में पूरा सहायोग देना जरूरी है। महिलाओं के विकास और समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आईं 500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि उत्पादन संगठनों के सदस्यों ने भी अपने अनुभव राज्यपाल को बताये।

2 नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि , मनरेगा समिति के अध्यक्ष और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमिताभ कांत और नीति आयोग और राज्यों के अधिकारी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार और गुजरात राज्य के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किये।

3 वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया ने आज दमोह के आम चौपरा में आवासीय पट्टे वितरित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना तहत सभी पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास दिये जा रहे है। 2022 तक हर पात्र व्यक्ति का अपना खुद का अपना पक्का मकान होगा।उन्होंने कहा संबल योजना तहत हितग्राहियों को स्मार्ट कार्ड दिये जा रहे है, यह कार्ड शिक्षा की फीस, बीमारी के इलाज आदि अन्य कार्याे में उपयोगी होगा।

4 जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आध्यात्मिक गुरू दादा जे.पी. वासवानी के अवसान पर गहन शोक व्यक्त किया हैं। मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने शोक संदेश में कहा कि स्व. वासवानी ने शाकाहार और पशु अधिकार को पुष्ट किया है। वे मानवतावादी, दार्शनिक, शिक्षक, प्रेम और भाईचारे के प्रबल समर्थक थे। दादा ने जीवन की उच्चता मार्गदर्शन करने वाली 150 पुस्तकें भी लिखी।