प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - एम जे अकबर पर महिला पत्रकारों ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

Posted by Divyansh Joshi on



कहते है न कि इस दुनिया में अगर अच्छा किया तो इसका फल भी आपको इसी जन्म में मिलता है और अगर बुरा किया तो उसकी सजा भी इसी जन्म में भुगतनी पड़ती है । कहने को तो यह एक मुहावरा है लेकिन अब यह सार्थक बैठ रहा है विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर पर ।भारत में जारी ‘मी टू’ कैंपेन ने ऐसी तूल पकड़ी कि इसकी जद में बड़े-बड़े नाम सामने आ रहे हैं। मनोरंजन और मीडिया जगत से जुड़ी कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न की आपबीती साझा की है. मी टू कैंपेन के तहत जो सबसे बड़ा नाम निकलकर सामने आया है वह है मौजूदा मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर । इनका पूरा नाम है मोबासर जावेद अकबर पूर्व में पत्रकार रह चुके केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। अपने समय के मशहूर संपादक और वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर कई महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। अब तक नौ महिला पत्रकार एम जे अकबर की बर्बरता को लेकर सामने आई है जिनमें से 6 महिला पत्रकारों ने हैश टेग मी टू लिखकर पत्रकारिता करने के दौरान एमजे अकबर को सीरियल यौन उत्पीड़क बताया है । आरोप लगाए गए हैं कि अखबार के संपादक के तौर पर काम करने के दौरान अकबर ने ऐसा किया। सबसे पहले पत्रकार प्रिया रमानी ने विदेश राज्यमंत्री का नाम लिया. उन्होंने साल 2017 में मीटू मुहिम की शुरुआत के समय लिखा एक लेख साझा करते हुए बताया कि उस अनुभव में पहला व्यक्ति एमजे अकबर हैं। प्रिया इंडिया टुडे, द इंडियन एक्सप्रेस और द मिंट का हिस्सा रह चुकी हैं. 2017 में अपने लेख में प्रिया ने बताया था कि ‘वे तब 23 साल की थीं, जब 43 साल के एक संपादक ने उन्हें नौकरी के इंटरव्यू के लिए साउथ मुंबई के एक पॉश होटल में बुलाया था. जब उन्होंने होटल पहुंचकर संपादक को फोन किया, तब उन्होंने रमानी को अपने कमरे में आने को कहा.’ इसके बाद सुपर्णा, शुहा राहा , प्रेरणा सिंह बिंद्रा, कनिका गहलोत , शुतापा पॉल, गजाला वहाब ने भी अकबर पर यौन उतपीड़न का आरोप लगाया है । जिसे लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है और वही इस मामले में कांग्रेस एमजे अकबर के इस्तीफे की मांग कर रही है। आपको बता दें कि एमजे अकबर फिलहाल नाइजीरिया में हैं। इस मामले में अब तक न तो सरकार की ओर से और न ही एमजे अकबर की ओर से कोई सफाई दी गई है। विदेश से लौटने पर एमजे अकबर से इस्तीफा मांगा जा सकता है। द्य भाजपा के लिए अकबर पर लगे आरोपों का जवाब देने में इसलिए भी मुश्किल हो रही है क्योंकि यौन उत्पीड़न की ये घटनाएं उस समय की हैं जब वह भाजपा में शामिल नहीं हुए थे। अकबर के भारत आने को लेकर भी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि वह शुक्रवार तक लौट सकते हैं जबकि कुछ का कहना है कि वह एक सम्मेलन में भाग लेने गिनी जा सकते हैं। ऐसे में उनके 15 अक्टूबर तक लौटने की संभावना है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि सरकार या भाजपा नहीं चाहती कि अकबर पर लगे आरोपों का खामियाजा उसे भुगतना पड़े। इसे देखते हुए अकबर के स्वदेश लौटने पर उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है।
आईये अब आपको एम जे अकबर का एक वीडियो दिखाते है जो इस मी टू कैंपेम में महिला पत्रकारों के आरोप लगाने के बाद खूब वायरल हो रहा है जिसमें विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते नजर आ रहे हैं। जो अब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है ।
वीडियो

यह तो सुना आपने वीडियो अब इस वीडियो में जिस तरह से अकबर महिला सशक्तिकरण की बात कह रहे है ।और ऐसे काम करने वालों को जाहिल कह रहे है तो अब उनके खुद के शब्दों में उन्हे क्या कहा जाएगा यह आप सभी जानते है ।