व्यक्तित्व

पुण्यतिथि विशेष- इंदिरा गांधी- भारत की पहली सशक्‍त महिला प्रधानमंत्री

Posted by Divyansh Joshi on



पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 34वीं बरसी है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 34वीं पुण्यतिथि पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कई नेताओं ने इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी। सभी नेताओं ने शक्ति स्थल पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी कमलनाथ ने ट्वीट कर लिया कि प्रियदर्शिनी इंदिरा जी के नेतृत्व और मातृत्व का प्रतिसाद मुझे सदा मिला । आज उनके अवसान दिवस पर द्रवित भी हूँ और अखंड भारत के लिए उनके बलिदान पर गर्वित भी । वे सिर्फ़ स्मृतियों में नहीं,आदर्शों में भी मेरे साथ हैं। इस दौरान कमलनाथ ने इंदिरा गांधी को मां कहकर भी इंगित किया । कमलनाथ इंदिरा गांधी के बहुत करीबी थे । इतना करीबी के इंदिरा उन्हे अपना तीसरा बेटा मानती थी । 1983 मे एक सभा के दौरान इंदिरा गांधी ने कहा था कि कमलनाथ मेरे तीसरे पुत्र है एक दिन यह भारत में विकास पुरुष के नाम से जाने जाएंगे । वहीं इंदिरा गांधी का सक्रिय राजनीति में आना काफी बाद में हुआ। वह अपने पिता जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद राजनीति में आईं। उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में सूचना और प्रसारण मंत्री का पद संभाला था। इसके बाद शास्त्री जी के निधन पर वह देश की तीसरी प्रधानमंत्री और भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनी गईं। उन्हे 1971 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। इंदिरा भारत के लिहाज से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परिप्रेक्ष्य में भी बेहद अहम थीं। अहम सिर्फ इसलिए नहीं कि वह भारत की पहली ऐसी सशक्‍त महिला प्रधानमंत्री थीं, जिनके बुलंद हौसलों के आगे पूरी दुनिया ने घुटने टेक दिए थे। यह उनके बुलंद हौसले ही थे जिसकी बदौलत बांग्‍लादेश एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र के रूप में अस्तित्‍व में आया। इतना ही नहीं उन्‍होंने पंजाब में फैले उग्रवाद को उखाड़ फेंकने के लिए कड़ा फैसला लेते हुए स्‍वर्ण मंदिर में सेना तक भेजी। वह इंदिरा ही थीं, जिन्‍होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्‍न देश बनाने की ओर अग्रसर किया। 31 अक्टूबर 1984 को देश की पहली और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों बेअंत सिंह और सतवंत ने प्रधानमंत्री आवास पर हत्या कर दी थी। उनकी ये हत्या एक साजिश के तहत की गई थी। राजनीतिक स्‍तर पर भले ही उनकी कई मुद्दों को लेकर आलोचना होती हो, लेकिन उनके प्रतिद्वंदी भी उनके कठोर निर्णय लेने की काबलियत को दरकिनार नहीं करते हैं।