प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - चुनाव आयोग पर 'अमानवीयता' के आरोप पर घिरे शिवराज

Posted by Divyansh Joshi on



मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनावी आचार संहिता के मौजूदा सरकार ने कैबिनेट बैठक बुलाई । इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पूरा मंत्रिमंडल नहीं था इस बैठक में वो दिग्गज नेता शामिल नहीं हुए जो इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे है । इस बैठक में कोई नीतिगत फैसले नहीं लिए गए, ज्यादातर मामले अनुसमर्थन के थे। बैठक में उपार्जन, स्वास्थ्य, खाद की चर्चा की गई। साथ ही स्कूल शिक्षा की भर्ती में महिला 50% आरक्षण, दिव्यांगजनो को भी आरक्षण के निर्णय का अनुसमर्थन, वाणिज्य विभाग के 7 निर्णयो का अनुसमर्थ,पुजारियो को संबल के लाभ का अनुसमर्थन पर चर्चा की गई। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा की। उन्होने चर्चा के दौरान चुनाव आयोग पर अमानवीयता के आरोप लगा दिए । सीएम शिवराज ने कहा कि अधिकारियो और चुनाव आयोग ने भाजपा पर ज्यादा सख्ती की है। अमानवीयता की है, मुझे साथी के अंतिम संस्कार मे नही जाने दिया | मुझे रघुवीर दान्गी के अंतिम संस्कार मे विदिशा नही जाने दिया गया| चुनाव आयोग ने अगर किसी के साथ सख्ती की तो वो बीजेपी के साथ की है, लेकिन मेने शिकायत नहीं की है। हालांकि उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चुनाव आयोग को लेकर दिए इस बयान के बाद सियासत गरमा गई है । कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज के इस बयान के बाद उन्हे घेरा है । उन्होने कहा कि शिवराज का बयान चुनावी कार्य में लगे कर्मचारियों के लिए अपमान है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा "शिवराज जी कह रहे है कि भाजपा को चुनाव आयोग ने अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया, उन्होंने चुनावी कार्य में लगे कर्मचारियों का ऐसा कहकर अपमान किया है और उनकी निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है, उन्हें संवैधानिक संस्था पर प्रताड़ना के मामले स्पष्ट करना चाहिये और इस पर माफी माँगना चाहिये।