राज्य

विधानसभा में किसानों को श्रद्धांजलि

Posted by Avneesh Rai on



विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में दिवंगत नेताओं, उत्तराखंड के चमोली हादसे और सीधी बस हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थतिग कर दी गई।
श्रद्धांजलि के दौरान कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली सहित देश में किसान आंदोलन के दौरान करीब 200 किसानों की मौत हुई है, उन्हें श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी जा रही है। जैसे ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े हुए। तभी पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि जब उत्तराखंड खंड में बाढ़ मैं मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है तो दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान कई किसानों की मौत हुई। उनको भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए लेकिन विधानसभा की कार्यसूची में इसका कोई उल्लेख नहीं है। पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं यदि आंदोलन के दौरान किसान की मौत होती है और उसे श्रद्धांजलि नहीं दी जाती है तो यह अन्नदाता का अपमान है। नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में मृत किसानों के साथ-साथ मुरैना में जहरीली शराब से मरने वालों को भी श्रद्धांजलि दी l कमलनाथ ने कहा कि यह पक्ष और विपक्ष का सवाल नहीं है l क्या यह उचित है कि मृत किसानों को श्रद्धांजलि सदन में ना दी जाए? वही कमल नाथ ने कहा कि सीधी बस हादसे में मृतकों के परिवार को सरकार रोजगार उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि बसों में गरीब लोग ही सफर करते हैं । मरने वालों के परिजनों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनकी मदद करना चाहिए। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सारंग, विधानसभा के पूर्व सदस्य लोकेंद्र सिंह, गोवर्धन उपाध्याय, श्याम होलानी, बद्रीनारायण अग्रवाल, कैलाश नारायण शर्मा, विनोद कुमार डागा, कल्याण सिंह ठाकुर समेत 26 पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और विधानसभा के पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गईl