क्षेत्रीय

छिंदवाड़ा लाइव 10 09 19

Posted by khalid on



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लालबाग रेलवे फाटक से लेकर छोटा तालाब तक सड़क निर्माण का रूका हुआ काम अब फिर शुरू हो जाएगा। लोगों की परेशानियों मात्र एक-दो महीने में अब पूरी तरह से हल हो जाएंगी। दरअसल छोटा तालाब से खजरी रोड तक 2.6 किलोमीटर में 2 किलोमीटर तक की सड़क बनाई जा चुकी थी लेकिन 12 करोड़ 4 लाख के काम में सड़क निर्माण कंपनी को अब तक सिर्फ 4 करोड़ 4 लाख ही मिले थे। जबकि काम दो तिहाई पूरा हो चुका है। अब इस काम को फिर से गति मिल जाएगी। सीएम कमलनाथा एवं सांसद नकुलनाथ के प्रयासों से बची हुई राशि 8करोड़ मिल चुकी है। निगम सहायक यंत्री अशोक पांडेय ने बताया कि किस्त आने के बाद बचा हुआ काम दो-तीन महीनों में हो जाएगा। लेकिन लोगों को गड्ढों से राहत देने के लिए गिट्टी बिछाकर समतल किया जा रहा है ताकि गणेश विसर्जन के दौरान भी वाहनों का आवागमन सुरक्षित हो सके।


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एक युवक की जान जाने के बाद भी अब भी प्रशासन होश में नहीं आया है। करीब एक पखवाड़े पूर्व युवक अरूण मडराह के कार सहित चौहारी नाले में बह जाने के बाद उस समय तो आनन फानन नाले की सफाई करवा दी गई। लेकिन अब फिर से नाले की पुलिया में शहर भर का कचरा जमा हो गया। जिसके चलते पुलिया से पानी का निकास ठीक तरह से नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन न तो यहां निगरानी रख पा रहा है और न ही निगम प्रशासन सफाई करने में कोई रूचि दिखा रहा है। जिससे पुलिया के एक ओर पानी रूका हुआ हैऔर धीरे धीरे पानी निकल पा रहा है।

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छिंदवाड़ा के सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में दिव्यांग बच्चों को नार्मल बीएड वाले शिक्षक पढ़ा रहे हैं जबकि नियमानुसार इन्हे स्पेशल बीएड और आरसीआई के पंजीकृत शिक्षक ही पढ़ा सकते हैं। आपको बता दे , कि चिल्ड्रेन विथ स्पेशल नीड्स यानी सीडब्ल्यूएसएन में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसे टीचरों की जरूरत होती है जो उनकी साइन लैंग्वेज एवं बेल लिपि के जानकार भी हो। और इसके लिए स्पेशल बीएड करने के बाद दिल्ली से रिहैबिलिटेशन काउंसिल आफ इंडिया से रजिस्ट्रेशन के बाद ही टीचरों को सीडब्लयूएसन में पढ़ाने के योग्य माना जाता है। सूत्रों की माने तो आवेदन देने के बाद भी स्पेशल बीएड वाले टीचरों को नियुक्त नहीं किया गया। हालांकि सीडब्ल्यूएसएन को संचालित करने वाले शुभम शिक्षा समिति के संचालक महेन्द्र जाखोटिया का कहना है कि सीडब्ल्यूएसएन में स्पेशल बीएड किए हुए दो-तीन महिला टीचर हैं पर सूची उनके पास नहीं है इसलिए उनके नाम बता नहीं सकते।

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शहर में गणपति उत्सव की धूम को बारिश की झमाझम भी नहीं रोक पाई हैं। हर तरफ गणपति वंदना के स्वर गुंजायमान हो रहे हैं। पंडालों में गणेश की पूजा अर्चना विधिवत हो रही है। इस बार भी विभिन्न समितियों ने शहर में तय स्थानों में गणेश प्रतिमांए स्थापित की हैं। प्रमुख रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज समिति, सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति बरारीपुरा, कन्या स्कूल के पास पाटनी टाकीज, मराठी स्कूल के पास, मोहननगर के राजा,परतला के महाराजा, लालबाग के बादशाह, चंदनगांव के बादशाह, नवयुवक मंडल बड़ा कुंआ गुलाबरा, छापाखाना, वंदे मातरम ग्रुप की प्रतिमांए बरबस ही मन को मोह रही हैँ। कहीं पर बांसुरी बजाते हुए, कहीं पर गज पर विराजे गजानन, तो कही सिंह आसन पर विराजमान गणेश को देखने जिले भर से लोग पहुंच रहे हैं।

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इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत पैगम्बर साहब के नवासे हसन-ए-हुसैन की शहादत के मातमी पर्व मोहर्रम पर मंगलवार को ताजियों का जुलूस निकाला गया। जो इमामबाड़ा से मोती वार्ड, छोटी बाजार, रॉयल चौक होते हुए करबला मैदान पहुंचा। जहां ताजियों को देखने वालों का मेला लगा रहा। ताजियादारों ने शहादत की याद में इन ताजियों का निर्माण किया था। हर ताजिए में कलाकारों ने अपनी कारीगरी से मक्का मदीना की छवि ढालने का प्रयास किया था। कत्ल की रात की रस्म के बाद मंगलवार की दोपहर ताजदारों के निर्मित ताजिए दोपहर में बड़ा इमामबाड़ा में एकत्रित हुए जहां मुस्लिम बंधुओं ने मोहर्रम की रस्मों को अदा किया इसके बाद जुलूस करबला के लिए रवाना हुआ। बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सिविल ड्रेस में इस जुलूस की व्यवस्था में लगे थे।