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एम.पी.लाइव

Posted by khalid on



मुख्यमंत्री कमल नाथ ने चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण पर टवीट कर बधाई दी है l श्री नाथ ने कहा कि चंद्रयान 2 के सफल प्रक्षेपण से भारत की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत हुई है। इस सफलता के लिए इसरो के समस्त वैज्ञानिकों और देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 2 की सफलता ने पूरी दुनिया को भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा से परिचय कराया है। यह हर भारतवासी के लिए गौरव की बात है।



मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विधानसभा में दिल्ली की स्व. श्रीमती शीला दीक्षित जी का स्वभाव और व्यवहार ऐसा था कि कोई उनसे नाराज नहीं रहता था। दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट आज पूरे देश में एक उदाहरण है जिसका श्रेय स्व. शीला दीक्षित को जाता है।


जनसंपर्क मंत्री श्री पीसी शर्मा ने राजधानी भोपाल के पंचशील नगर के बुद्ध विहार में भगवान बुध्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने मन्दिर परिसर के पास के नाले का मौका मुआयना कर सफाई के निर्देश दिए । श्री शर्मा ने परिसर में फर्शीकरण का कार्य किये जाने को भी आश्वस्त किया।

मध्यप्रदेश सरकार ने गुजरात सरकार से आग्रह किया है कि सरदार सरोवर बाँध को पूर्ण जलाशय स्तर तक भरने के अपने निर्णय पर मानवीय दृष्टिकोण से पुनर्विचार करे। मध्यप्रदेश के नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने गुजरात के मुख्यमंत्री द्वारा इस संबंध में हाल ही में की गई टिप्पणी के जवाब में कहा है कि नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के प्रावधानों का पालन करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अवार्ड में गुजरात राज्य के लिये जितनी जल राशि निर्धारित की गई है, मध्यप्रदेश उतनी जल राशि पूर्व में भी प्रदाय करता रहा है। आगे भी प्रदाय करता रहेगा।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यूरिया जैसे घातक पदार्थ मिलाकर सिंथेटिक दूध और उससे मावा, पनीर आदि अन्य उत्पाद बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध रासुका के तहत सख्त कार्यवाही की जाये।

प्रदेश में काजू की खेती की सभावनाएँ तलाशने के लिए भारत सरकार के निदेशक काजू एवं कोको विकास निदेशालय, कोच्ची डॉ. वेंकटेश एन. हुबल्ली ने छिन्दवाड़ा, बालाघाट और सिवनी जिलों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के ग्रामों का दौरा किया, ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा काजू की खेती के लिए मध्यप्रदेश के 4 जिलों छिन्दवाड़ा, बैतूल, सिवनी और बालाघाट का चयन किया गया है।