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प्रदेश एक्सप्रेस

Posted by khalid on




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मंत्रियों के मीडिया से बैन और आचार संहिता लागू करने के बाद अब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रियों-विधायकों के लिए नई रूल बुक लागू है। जिसमें मुख्यमंत्री से मंत्री- विधायकों की मुलाकात के लिए दिन तय किए गए है और हर हफ्ते दो घंटे खुद के लिए रिजर्व रखा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकी मुलाकातों में ज्यादा समय बर्बाद ना हो और वादों पर ज्यादा फोकस किया जा सके।

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मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी को लेकर कमलनाथ सरकार बैंक से वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत एकमुश्त राशि पर लंबे समय से चर्चा कर रही है। शनिवार को इस संबंध में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई। बैठक में सरकार की ओर से बैंक के सामने आफर रखा गया। जिसमें एकमुश्त रकम देने के लिए कहा गया और नॉनदृपरफॉर्मिंग असेट (एनपीए) पर छूट की बात की गई।


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मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कई बड़े नेताओं में इस बार चुनाव लड़ने की इच्छा जागी है। इनमें एक नाम प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भी है।सिंह ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। खबर है कि वे राजगढ़ लोकसभा सीट से मैदान में उतर सकते है। इस क्षेत्र पर उनका खासा दबदबा है। दिग्विजय इस सीट से 2 बार सांसद चुने जा चुके हैं तो वहीं उनके भाई लक्ष्मण सिंह भी 5 बार इस सीट से जीतकर संसद पहुंच चुके हैं।



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शनिवार को देर शाम बीजेपी मंडल अध्यक्ष सुभाष रायकवार पर हुए हमले को लेकर अब सियासत तेज हो गई है।बीजेपी द्वारा फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे है। इसी कड़ी में आज राजधानी भोपाल के रोशन पूरा चैराहे पर बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। बीजेपी ने रोशनपुरा चैराहे से राजभवन तक पैदल मार्च भी किया और जमकर नारेबाजी की।बीजेपी की मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा।


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मध्य प्रदेश की नई सरकार संविदा कर्मचारियों, अतिथि शिक्षकों एवं रोजगार सहायकों को नियमित करने की तैयारी कर रही हैद्य इसके लिए सरकार ने मंत्रिमंडल समिति बना दी हैद्य इसमें तीन मंत्रियों वित्त मंत्री तरुण भनोट, जनजातीय कार्य मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रभुराम चैधरी जीएडी के अपर मुख्य सचिव और वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे।