व्यक्तित्व

सुंदरलाल तिवारी - म.प्र. की राजनीति में सबसे पुराना वंश

Posted by Divyansh Joshi on



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुंदरलाल तिवारी का दिल का दौड़ा पडऩे से निधन हो गया है। वे विधायक और सांसद रह चुके हैं। उन्हें आज सुबह सीने में दर्द हुआ और संजय गांधी चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी है। उनके निधन से विंध्य क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के बेटे हैं। वे मप्र विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं।सुंदरलाल तिवारी रीवा समेत मध्य प्रदेश के एक बड़े नेता रहे हैं| जनपद अध्यक्ष, सांसद और विधायक के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके सुंदरलाल तिवारी कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में अपना स्थान रखते थे। सुंदरलाल तिवारी के निधन के साथ ही इस परिवार में राजनीति की दूसरी पीढ़ी का अंत हो गया है। 1 साल पहले 19 जनवरी 2018 को उनके पिता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी का निधन हुआ था।सुंदरलाल तिवारी सफेद शेर के नाम से मशहूर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी के पुत्र थे| सुंदरलाल तिवारी रीवा संसदीय सीट से सांसद भी रह चुके हैं। सुंदरलाल तिवारी 2018 के विधानसभा चुनाव में रीवा जिले की गुढ़ विधानसभा सीट से अपना चुनाव हार गए थे। 2009 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने 2013 में उन्हें गुढ़ विधानसभा चुनाव से मैदान में उतारा था। 2013 में सुंदरलाल तिवारी ने जीत दर्ज की थी।, जबकि 2018 में भाजपा उम्मीदवार से उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भी लोकसभा चुनाव में उनका नाम चर्चा में था, उनके निधन से पार्टी को बड़ा झटका लगा है| मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका परिवार सबसे पुराना परिवार माना जाता है, विधानसभा में स्व. श्रीनिवास तिवारी की दबंग छवि को सभी नेता आज भी याद रखते हैं और इसीलिए उन्हें सफ़ेद शेर के नाम से जाना जाता था| उनके बाद उनके पुत्र सुन्दर लाल तिवारी भी अपने पिता के नक़्शे कदम पर चलते हुए राजनीति में सक्रिय रहे और विपक्ष में रहते हुए सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर प्रखर विरोध जताते थे| उनके निधन से प्रदेश की राजनीति को बड़ी क्षति माना जा रहा है|