प्राइम टाइम

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Posted by Divyansh Joshi on



केंद्र सरकार ने अपने बजट में किसानों और मध्यम वर्ग के मतदाताओं के लिए अपना पिटारा तो खोल दिया, लेकिन नई नौकरियों का सृजन कैसे होगा इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद जॉब मुहैया कराने का वादा पिछले लोकसभा चुनाव में किया था। लेकिन, इस संबंध में अभी तक कोई प्रामाणिक रिपोर्ट सरकार की तरफ से सार्वजनिक नहीं की जा सकी है। वहीं दूसरी ओर 15 साल बाद मध्यप्रदेश में बनी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने अपने वचन पत्र के हिसाब से किए गए वादे को पूरा कर लिया। सरकार ने राज्य में सभी इंडस्ट्री के लिए 70 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को देने के नियम को अनिवार्य बना दिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने वचन पत्र जारी किया था, जिसमें बेरोजगारी की समस्या का हल तलाशते हुए यह वचन दिया था कि प्रदेश में खुलने वाली इकाईयों में प्रदेश की युवाओं को रोजगार देना अनिवार्य किया जाएगा। अब वापस बात करते है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की । आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए बेरोजगारी का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रूप धारण करता जा रहा है। सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह चुनाव को देखते हुए श्रम से संबंधित तमाम आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं होने दे रही। बजट पेश होने के ठीक पहले लीक हुई एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल बेरोजगारी दर का आंकड़ा बीते चार दशकों के इतिहास में काफी अधिक रहा। इस दौरान बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी दर्ज की गई।2014 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 1 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। भारी बहुमत से चुनाव जीतने के बाद उनके नेतृत्व वाली सरकार ने तथ्यात्मक रूप से रोजगार सृजन का आंकड़ा अभी तक पेश नहीं किया है। पिछले दिनों बेरोजगारी से संबंधित एक सर्वे लीक हुआ था जिसे सरकार ने खारिज कर दिया। सरकार का कहना था कि लीक सर्वे अधूरा है। नीति आयोग के वाइस-चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले सप्ताह कहा था कि चार सालों के दौरान पैदा की गईं नौकरियों के लिए ढेर सारे साक्ष्य मौजूद हैं। हालांकि, नौकरियों के संबंध में जारी रिपोर्ट की सच्चाई पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि, पिछले दिनों केंद्र सरकार पर रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी के आंकड़े छिपाने के आरोप लगने के बाद राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। दोनों सदस्यों के आयोग से अलग होते ही बिजनस स्टैंडर्ड ने लीक सर्वे पब्लिश किया। इस सर्वे में बताया गया कि 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी रही, जो 45 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे साबित होता है कि कांग्रेस भाजपा से एक कदम आगे चल रही है और भाजपा के लूप होल्स को पकड़कर एक बार फिर केंद्र में सरकार बनाने में जुट गई है।