प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - जम्मू-कश्मीर में भारी निवेश आने वाला है

Posted by Divyansh Joshi on



अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बदलाव की कोशिशें शुरू हो गई हैं। हालात के हिसाब से यहां पाबंदियों में भी छूट दी जा रही है. जम्मू-कश्मीर में फोन लाइनें भी अलग-अलग इलाकों में चरणबद्ध तरीके से बहाल होनी शुरू हो जाएंगी. साथ ही सोमवार से स्कूल भी श्क्षेत्रवारश् तरीके से खोले जाएंगे। राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 12 से 14 अक्टूबर तक इन्वेस्टर्स समिट होगी। इस इन्वेस्टर्स समिट में सभी की निगाहें लगी हुई हैं। विशेषज्ञों की माने तो सरकार को इसके लिए दो तरह से कदम उठाना होगा। पहला- कंपनियों को आकर्षित करना होगा। दूसरा- आतंकवाद से प्रभावित अतिसंवेदनशील जिलों पर फोकस कर राज्य के हिंसाग्रस्त होने की धारणा बदलनी होगी। हालांकि, विशेषज्ञों की मानें तो जम्मू और कश्मीर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य का उद्योग और वाणिज्य विभाग कई कंपनियों से संपर्क कर रहा है। इनमें आईटीसी, टाटा ग्रुप, सुजलॉन एनर्जी, महिंद्रा एग्रोटेक, अल्ट्राटेक सीमेंट और रेडिसन होटल्स जैसे नाम शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में मुख्यतरू 2 सेक्टर में सबसे ज्यादा उम्मीद है, सर्विस सेक्टर और सीमेंट इंडस्ट्री में इन्वेस्टमेंट । चूंकि यहां टूरिज्म का सबसे बड़ा स्कोप है, इसलिए होटल्स के लिए ये बेहतरीन मौका है। सीमेंट से जुड़े रॉ मटेरियल की यहां कमी नहीं है, इसलिए सीमेंट इंडस्ट्री के लिए यहां पर काफी संभावनाएं हैं। राज्य के उद्योग और वाणिज्य विभाग का कहना है कि वह यहां यहां इन्वेस्टर्स को 30ः तक सब्सिडी भी दे रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित हों और जम्मू-कश्मीर में रोजगार बढ़े। इंडस्ट्री चौंबर एसोचौम का कहना है कि एक तरह से वहां पर इकॉनमी की रिस्ट्रक्चरिंग करनी होगी। इसे देश की मुख्य आर्थिक विकास के साथ जोड़ना है। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि कश्मीर में निवेश की बहुत संभावनाएं है बस सरकार को आतंक पूरा खत्म करना होगा ।