प्राइम टाइम

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Posted by Divyansh Joshi on



पिछले लोकसभा चुनावों में आर्थिक विकास के नाम पर प्रचारित किए गए ‘गुजरात मॉडल’ की काफी चर्चा थी. लेकिन इस बार यह भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं है. कहा जाता है कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उनके नेतृत्व में राज्य ने आर्थिक मोर्चे पर बेहतरीन प्रदर्शन किया था. इसे ‘गुजरात मॉडल’ नाम दिया गया जिसे पिछले लोकसभा चुनावों में खूब भुनाया गया था. लेकिन इस बार यह मॉडल चुनाव से जुड़ी किसी चर्चा का हिस्सा बनता नहीं दिख रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह है गुजरात की तरक्की का नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से कोई खास संबंध न होना. मतलब .. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के लिए कुछ खास नहीं किया फिर भी गुजरात आगे बढ़ रहा है । हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 2002-03 से 2013-14 के बीच गुजरात के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) देश की जीडीपी के सीएजीआर से 29 प्रतिशत ज्यादा थी. यह वह समय था जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. उनके नेतृत्व में गुजरात की उत्पादन वृद्धि भी देश की उत्पादन वृद्धि से 22 प्रतिशत अधिक थी.लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी गुजरात आर्थिक विकास के मोर्चे पर पीछे नहीं रहा. इस संबंध में ताजा आंकड़े (2016-17) बताते हैं कि मोदी के गुजरात छोड़ने के बाद भी राज्य उत्पादन समेत अन्य सभी क्षेत्रों में वृद्धि कर रहा है. दिलचस्प बात यह है कि मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले भी उत्पादन व आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर गुजरात बेहतर प्रदर्शन कर रहा था. संक्षेप में कहें तो नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले, बनने के बाद और अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर भी गुजरात का आर्थिक विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना जारी है.