क्षेत्रीय

जबलपुर लाइव 03-05-21

Posted by khalid on




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जबलपुर के एक निजी आदित्य अस्पताल में आज एक मरीज के शव को बंधक बनाए जाने पर परिजनों ने हंगामा किया, परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन हादसे में घायल हुए उनके मरीज की कोरोना संक्रमण से मौत बताकर जबरन पैसे मांग कर रहा है,जबकि वह ईलाज पर खर्च हुआ करीब 4 लाख रुपए पहले ही दे चुके है,लेकिन अस्पताल प्रबंधन 1 लाख 63 हजार रूपए और मांग रहा है, पैसे नहीं देने पर मरीज के शव को बंधक बना लिया है, इधर इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया,

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रेलवे स्टेशन में जांच के दौरान ,आरपीएफ ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा है। उनके कब्जे से 10 किलोग्राम चांदी और 3 लाख 70 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं। दोनों के हवाला कारोबार से जुड़े होने के संदेह पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
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जबलपुर कोरोना संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए जहा 17 मई तक लॉक डॉउन किया गया है वही अब बेवजह घूमने वालों के ऊपर पुलिस अब सक्ति से अपनी पैनी नजर बनाए हुए है,,दूध ,,दवाई की मिली हुई छूट की आड़ में बहाना बना कर बेवजह सड़को पर निकलने वालो पर पुलिस कर रही चलानी कार्यवाही,,इसी क्रम में अब पुलिस के आला अधिकारी भी चेकिंग चेक पोस्ट पर स्वयं नजर बनाए हुए है,,जहा बेवजह घूमने वालो और लॉक डॉउन का उलघन करने वालों के ऊपर चलानी कार्यवाही के साथ साथ धारा 188 के तहत कार्यवाही की जा रही है

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दमोह उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद कांग्रेस पार्टी बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है कांग्रेस कमेटी जबलपुर के नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथ लिया है उन्होंने दमोह उपचुनाव में मिली जीत पर दमोह की मतदाताओं का अभिवादन किया है जिन्होंने सत्ता को बेचने वाले लोगों को सबक सिखाना बताया है। उन्होंने कांग्रेस के उन तमाम सीनियर लीडरों को भी याद करते हुए कहां है कि कोरोना के इस भयावह काल में उन सभी नेताओं ने कांग्रेस की जीत के लिए अथक प्रयास किए लेकिन अपने निजी स्वार्थों को पूरा करने जिस तरह से राहुल लोधी ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ बीजेपी का दामन थामा यही वजह है कि कांग्रेस के कई तमाम नेता इस उपचुनाव के दौरान कोरोना से संक्रमित हुए और अपनी जिंदगी को भी गंवा बैठे ऐसे परिवार का श्राप भी भारतीय जनता पार्टी को लगा है
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नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रविवार को कोरोना से जंग लड़ते हुए 40 वर्षीय नर्स की मौत हो गई। पेइंग वार्ड में ड्यूटी के दौरान उन्हें कोरोना हुआ था, जिसके बाद हफ्ते भर पहले वे मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में भर्ती हुईं थीं। हालात बिगडऩे पर उन्हें सुपर स्पेशयालिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया, जहाँ रविवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका शुगर और थायराइड से पीडि़त थीं और उन्हें वैक्सीन भी नहीं लगी थी। साथी की मौत से आहत नर्सिंग संगठनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा करते हुए मृतका को कोरोना योद्धा सम्मान के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 55 लाख रुपए की सहायता राशि देने की माँग की, ताकि भविष्य में बच्चों के भरण-पोषण में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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कोरोना संक्रमण के चलते पिछले कई दिनों से बंद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दरवाजे सोमवार को खुलेंगे। हालांकि विश्वविद्यालय को चंद घंटों के लिए खोला जाना है वो भी वेतन भुगतान के लिए। प्राध्यापकों, अतिथि विद्वानों से लेकर कर्मचारियों का वेतन लाकडाउन की वजह अटका हुआ है। कई लोग कोरोना संक्रमण से पीडि़त होकर इलाजरत है ऐसे में वेतन की समस्या न हो इसे देखते हुए विशेष अनुमति पर एक दिन के लिए इसे खोला जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक दिन के लिए खोलने के लिए केवल तीन विभागों को बुलाया गया है।
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मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के डीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में पदस्थ मीता सराठे, युवा नर्स कोरोना महामारी के संक्रमण की रोकथाम में कार्य करते हुए संक्रमित होकर मृत हुई। मीता थायराइड और डायबिटीज की बीमारी से ग्रसित थी उन्होंने अपनी बीमारी का उल्लेख करते हुए डीन से कोविड वार्ड में ड्यूटी न लगाने की प्रार्थना की थी, फिर भी डीन के द्वारा उनकी ड्यूटी कोविड मरीजो की देखभाल हेतु लगाई गई । मेडिकल कॉलेज के डीन कोविड हेतु चिन्ह चिन्ह कर ड्यूटी लगा रहे है जबकि कोविड वार्ड में ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से लगाई जानी चाहिए ।
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ट्रेेनों में सफर करना न सिर्फ सुगम बल्कि सस्ता भी है, लेकिन इन दिनों इन सुविधाओं का भी कोई असर नहीं हो रहा है। हालात यह है कि जिन ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, उनमें अब 80 फीसदी सीटें खाली हैं। जिन ट्रेनों में सफर करने के लिए यात्रियों को दो से तीन माह पहले टिकट लेनी होती थी, उनमें रवाना होने के चंद घंटे पहले ही आरक्षित सीट आराम से मिल जा रही है। दरअसल कोरोना काल में ट्रेनों को यात्री नहीं मिल रहे हैं।
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पुलिस टीम ने व्यवसायिक क्षेत्रों का औचक जायजा लिया तो तमाम व्यापारियों की लापरवाही सामने आ गई। वे किराना, कपड़ा, मांसाहार की दुकान खोले मिले तथा ग्राहकों की भीड़ लगा रखी थी। लापरवाह व्यापारियों को पकड़कर उनके विरुद्ध धारा 188, 269, 270 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत एफआइआर दर्ज की गई। विदित हो कि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर लाकडाउन व कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान गढ़ा, ओमती, कोतवाली, ग्वारीघाट, हनुमानताल, माढ़ोताल, संजीवनीनगर, भेड़ाघाट, विजयनगर, गोराबाजार, गोरखपुर, गोहलपुर थाना क्षेत्रों में 55 व्यापारी पुलिस के शिकंजे में फंसे।
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तेज रफ्तार मोपेड स्लिप होने से घायल रेलवेकर्मी की मौके पर ही मौत हो गइ। मदनमहल क्षेत्र में बेस्ट केयर अस्पताल के सामने सुबह हादसा हुआ। नशे में धुत होने से बाइक स्लिप हुई। इस दौरान उसका सिर डिवाइडर से टकरा गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर मामला जांच में लिया है।

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शादी का झांसा देकर युवती से रेप करने वाले आरोपी फरेबी निकला। युवती के गर्भवती होने के बाद उसने शादी से मना कर दिया। यह सदमा युवती बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने फंदे से झूल कर आत्महत्या कर ली। केंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप और आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच में लिया है। जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय युवती ने बीते 10 अप्रैल को घर में फंदे से झूल गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि युवती का पड़ोस में रहने वाले नीरज रजक से दोस्ती थी। वह उसके घर आता-जाता था। दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। नीरज ने युवती से शादी का झांसा देकर रेप कर दिया। युवती ने विरोध किया तो उसने शादी करने की बात कह चुप करा दिया। फिर ये सिलसिला जारी रहा।