प्राइम टाइम

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Posted by Divyansh Joshi on



मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार लोकसभा चुनाव से पहले बेरोजगार युवाओं को बड़ा तोहफा देने जा रही हैद्य युवा स्वाभिमान योजना के तहत सरकार बेरोजगार युवाओं के तहत शहरी युवाओं को 100 दिन का काम दिए जाने के साथ चार हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देगीद्य सरकार इस फैसले को युवाओं के हित में बता रही हैद्य वहीं इसको लेकर सवाल भी उठने लगे हैंद्य मुख्य आयकर आयुक्त आरके पालीवाल ने बेरोजगारों को भत्ता देने पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया हैद्य उनका मानना है कि सरकार आलसियो की फौज तैयार कर रही हैद्य वहीं भत्ते का लाभ लेने के लिए यह निश्चित है कि रातों रात बेरोजगार लोगों की एक बड़ी फौज खड़ी हो जाएगी। इससे पहले उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सरकार के इशारे पर काम करने वाली जांच एजेंसियों के अफसरों को आड़े हाथों लिया थाद्य उन्होने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि आजकल महाचुनाव की पूर्व संध्या पर हर तरफ लोक लुभावन आयोजनों की मायावी बहार आई है जिसमें किसानों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों के साथ साथ बेरोजगारों के लिए भी नित नए नए वादों की बौछार हो रही हैं। हम सब जानते हैं कि पिछले सत्तर सालों में किस तरह आरक्षण के लाभ के लिए विभिन्न जातियों में खुद को एक दूसरे से ज्यादा पिछड़ा साबित करने की होड़ मची हुई है।इस परिप्रेक्ष्य में हमारे समाज के एक बड़े भाग के लिए यह भी संभव है कि बेरोजगारी भत्ते के लिए भी अच्छे खासे रोजगार करने वाले लोग भी खुद को बेरोजगार साबित करने की कोशिश करने लगें। वहीं विपक्ष भी इस फैसलें पर सवाल खड़ी कर रही है, लेकिन पालीवाल की यह पोस्ट को मायने तब निकलते जब सरकार बेरोजगार युवाओं को घर बैठे ही पैसे देती लेकिन खबरों के मुताबिक युवाओं को 4000 रुपए तब ही मिलेंगे जब वह 4 घंटे स्किल डेवेल्पमेंट की ट्रेनिंग लेंगे और 4 घंटे नगरीय निकायों में काम करेंगे । इसका सीधा सा मतलब यह निकला कि कमलनाथ सरकार घर में बैठे रहने वाले लोगों को पैसे नहीं देगी बल्कि उन युवाओं को पैसे देगी जो सरकार की योजनाओं और सरकार के विभागों में बकायदा काम करेंगे। यह सरकार की अच्छी पहल है और इससे युवाओं में काम करने की ललक भी पैदा होगी।