राज्य

एम.पी.लाइव

Posted by khalid on



मध्यप्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा के तीसरे सत्र के तीसरे दिन बुधवार को वित्त वर्ष 2019-20 का पूर्ण बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री तरुण भनोट ने बजट पेश करते हुए जहां वर्तमान सरकार की उपलब्धियां गिनाईं वहीं, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की कमियां भी उजागर कीं। बजट में सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाकर जनता को राहत प्रदान की है।



मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री श्री तरुण भनोत ने वित्त वर्ष 2019 20 के लिए बजट पेश किया l बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं पर काफी जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि स्वस्थ समाज ही सुखी और समृद्ध हो सकता है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के बजट में 66 प्रतिशत वृद्धि की गई है l जय किसान ऋण माफी योजना के लिए 8000 करोड़ रु. और गेहूं पर 160 रूपए बोनस के लिए 1600 करोड़ का प्रावधान किया गया है l


बजट में पेंशन प्रदाय एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाय योजना हेतु सामाजिक न्याय विभाग का बजट 43 प्रतिशत बढ़ाकर 2891 करोड़ रु. किया गया है । युवा स्वाभिमान योजना हेतु विभागों में 330 करोड़ रु. और पेयजल के अधिकार हेतु 1000 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है l


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बजट-2019-20 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट है। किसान, युवा, गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के हित में बजट में जो चिंता की गई है, उससे अगले 5 साल में प्रदेश के वास्तविक विकास का नक्शा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट नए मध्यप्रदेश के निर्माण का ऐसा आईना है, जिसमें समृद्ध प्रदेश की तस्वीर साफ दिखलाई देती है।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि पिछले 6 माह में खाली खजाने के बावजूद प्रदेश के विकास की दिशा में सुविचारित कदम उठाये गए हैं। जनता से किए गए वचनों को पूरा करने के लिये बजट में इच्छाशक्ति दिखलाई है। ग्रामीण विकास के साथ शहरी क्षेत्रों के लिये पर्याप्त प्रावधान किया गया है। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को बजट के जरिए पूरी करने के लिए व्यवस्था की गई है।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से आज यहां मिंटो हाल में भारत में अमेरिका के राजदूत श्री कैनेथ आई जस्टर एवं प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। औपचारिक मुलाकात में उन्होंने विश्व शांति, आतंकवाद और व्यापारिक परिदृश्य पर विस्तृत चर्चा की।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा है कि जल का अधिकार अधिनियम में प्रदेश के सभी 378 नगरीय निकाय के अंतर्गत घर-घर नल कनेक्शन दिया जाकर प्रतिदिन जल प्रदाय किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा है कि इस वर्ष के बजट में शहरों में विकास के लिए विभाग को 15 हजार 666 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है।


लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि इस वर्ष प्रदेश के बजट प्रस्ताव में पेयजल प्रबंधन के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के लिए 4 हजार 366 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है।


पशुपालन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने प्रदेश के 2019-20 के बजट प्रस्ताव में पशुपालकों और मछुआरों को रियायती ब्याज दर पर ऋण के लिये क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताया है।



वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने प्रदेश के वर्ष 2019-20 के बजट में क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिये 250 करोड़ का प्रावधान किये जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बिगड़े वनों की भूमि पर बड़े पैमाने पर बाँस के पौधे लगाने और भूमिहीन मजदूरों को बाँस उत्पादन का अधिकार देने का निर्णय वनवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगा।



लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने प्रदेश के बजट प्रस्ताव 2019-20 में मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना को शामिल करने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिये पिछले वर्ष से एक तिहाई अधिक का प्रावधान किया गया है।