प्राइम टाइम

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Posted by Divyansh Joshi on



प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में मध्यप्रदेश के पांच सांसदों को जगह दी है। मंत्रियों में नरेंद्र सिंह तोमर ने सातवें और थावरचंद गेहलोत ने दसवें क्रम पर शपथ ली। प्रदेश से राज्यसभा सदस्य धर्मेंद्र प्रधान को भी कैबिनेट मिला है।प्रहलाद पटेल को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार तो फग्गन सिंह कुलस्ते को राज्यमंत्री बनाया गया है। इस बार प्रदेश से महिला चेहरा नदारद है। जातिगत समीकरण में सामान्य से तोमर, अनुसूचित जाति वर्ग से गेहलोत, ओबीसी से प्रहलाद पटेल और आदिवासी वर्ग से कुलस्ते को शामिल किया है। प्रदेश के चारों अंचलों ग्वालियर चंबल, महाकौशल, बुंदेलखंड और मालवा को साधा गया है। वहीं अब इस नेतृत्व के बाद मोदी कैबिनेट में इन मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी हो गया है। जिसमें मध्यप्रदेश को अच्छा प्रतिनिधित्व मिला है। कृषि के क्षैत्र में अग्रणी माने जाने वाले मध्यप्रदेश से मुरैना सांसद नरेंद्र सिंह तोमर देश का नया कृषि मंत्री बनाया गया है। कृषि मंत्रालय के अलावा तोमर के पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थावरचंद गहलोत का विभाग नहीं बदला गया है। उन्हें एक बार फिर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा प्रह्लाद सिंह पटेल जो पहली बार मोदी की नई टीम इंडिया का हिस्सा बने हैं। उन्हें पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं आदिवासी नेता फग्गन सिंह कुलस्ते को स्टील मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। मोदी की पिछली कैबिनेट में वो स्वास्थ्य राज्य मंत्री थे। एनडीए-2 सरकार में मध्यप्रदेश के अनुभवी चेहरों को शामिल कर सियासी, जातिगत और भौगोलिक संतुलन बैठाने की कोशिश की है। चंबल-ग्वालियर से सवर्ण (क्षत्रिय) नेता नरेंद्र सिंह तोमर, बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले ओबीसी नेता प्रहलाद पटेल, महाकोशल से आदिवासी नेता फग्गन सिंह कुलस्ते और अनुसूचित जाति के वरिष्ठ नेता थावरचंद गेहलोत को मालवांचल के प्रतिनिधि के रूप में मोदी कैबिनेट में स्थान मिला है।