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प्रदेश की खबरें 13-01-21

Posted by khalid on





राजधानी में वैक्सीनेशन की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। बुधवार को कोरोना वैक्सीन पुणे से मुंबई होती हुई भोपाल पहुंच जाएगी। मुंबई में वैक्सीन लोड होने के 4 घंटे पहले स्वास्थ्य विभाग मप्र को रवानगी की जानकारी दी जाएगी। यह भी तय हो गया है कि कोवैक्सीन कंपनी का ही टीका भोपाल समेत अन्य 8 जिलों में लगाया जाएगा। भोपाल में वैक्सीन उतारने से लेकर सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के अफसर और पुलिस के जवान संभालेंगे। कोल्ड चैन पाइंटर और वैक्सीनेशन सेंटर पर 150 पुलिसकर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई है।


बिल्डर और कॉलोनाइजर अब प्राइवेट आर्किटेक्ट से बिल्डिंग परमिशन नहीं ले पाएंगे। प्राइवेट आर्किटेक्ट से परमिशन लेकर उसका दुरुपयोग हो रहा था। भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के पास इस मामले में कुछ शिकायतें पहुंची थीं। इस पर रेरा ने आपत्ति की और कहा था कि यह नियम आम लोगों को सुविधा देने के लिए बनाया गया है। इसका लाभ बिल्डर ले रहे हैं। इसलिए अब नगरीय प्रशासन ने भूमि विकास नियम बदल दिया है। इसके मुताबिक अब केवल अपने लिए मकान बनाने वाले लोग ही प्राइवेट आर्किटेक्ट से भवन अनुज्ञा ले पाएंगे।


हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को अब एयर वेंटिलेटर आवश्यक रूप से लगाना होगा। इतना ही नहीं हेलमेट का वजन भी सवा किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। हेलमेट निर्माता कंपनियों को स्टैंडर्ड सेटअप लगाकर निर्माण करना होगा। हेलमेट बनाने वाली कंपनियों का उत्पाद सब स्टैंडर्ड का पाया जाने पर नापतौल विभाग के इंस्पेक्टर और राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किया जाने वाला अधिकारी कार्रवाई कर सकेंगे।


उत्तर से आई सर्द हवा और शाम के वक्त नमी कम होने से शहर में ठंड बढ़ गई है। रात के तापमान में 4 डिग्री की गिरावट हुई। यह 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि संक्रांति पर ठंड में और इजाफा हो सकता है। रात में ठंडी हवा चलने से पारा भी तेजी से लुढ़का। दिन का तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार के मुकाबले इसमें 1.3 डिग्री की कमी आई। यह सामान्य से 2 डिग्री कम रहा। शाम 4 बजे के बाद ठंडक बढ़ गई थी। सोमवार शाम नमी 81 फीसदी थी जो मंगलवार को घटकर 57 फीसदी हो गई।


भोपाल अध्यापकों के नए कैडर मप्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा के मामले में सुनवाई के बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। इस मामले में 3 मार्च को फैसला आएगा। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक हुसैन और न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच में सुनवाई हुई। अध्यापक संगठनों के पदाधिकारियों आरिफ अंजुम, उपेंद्र कौशल समेत 800 से ज्यादा ने सितंबर 2018 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें तर्क दिए गए थे कि सेवाओं की निरंतरता में शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं किया गया।