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एम.पी.लाइव

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राज्यपाल श्री लालजी टंडन की उपस्थिति में राजभवन में दशहरा मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर गणमान्य नागरिकों ने राज्यपाल को दशहरे की शुभकामनाएँ दी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह भी राज्यपाल को शुभकामनाएँ देने राजभवन पहुंचे l

नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव से मंत्रालय में रीवा अल्ट्रा सोलर परियोजना के अधिकारियों ने भेंट की। प्रमुख सचिव श्री मनु श्रीवास्तव और ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आर.आर. मीणा उपस्थित थे। मंत्री श्री यादव को अधिकारियों ने सोलर परियोजना की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी और सौर ऊर्जा की भावी संभावनाओं पर चर्चा की।

पी.एच.ई.मंत्री और सिवनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने ग्राम टुरिया में आदिवासी शहीद स्मारक श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने इंदौर में मैग्निफिसेंट एमपी समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को आकर्षित करने के लिये यह समारोह आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैग्निफिसेंट एमपी समारोह वास्तविक निवेश पर केन्द्रित होगा। इसमें निवेश के संबंध में गंभीर चर्चाएँ होंगी और निष्कर्षों पर अमल कराने के सुनिश्चित प्रयास भी किये जायेंगे।

इंदौर संभाग के आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि मैग्निफिसेंट एमपी समारोह के लिये इन्दौर में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। शहर में आने वाले उद्योगपतियों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारियों की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जायेंगी। शहर में इस आयोजन के लिये उत्सवी माहौल है। शहर के मॉल, चौराहों और अन्य प्रमुख स्थानों को प्रदेश में औद्योगिक संभावनाओं और अतिथियों के शानदार स्वागत की दृष्टि से सजाया जा रहा है।




आईसीआईएमओडी काठमांडू (नेपाल) के चीफ पॉलिसी एडवाइजर श्री बी.एम.एस. राठौर ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में 'असरदार परिवर्तन-टिकाऊ परिणाम'' व्याख्यान-माला में 'फारेस्ट्री फॉर वेलबीइंग ऑफ पीपुल एण्ड ईकोसिस्टम'' विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर ईको सिस्टम को संतुलित करने के लिये वर्ष 2030 तक 6 प्रतिशत वन क्षेत्र बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि अविरल और निर्मल नदियों के लिये उनके कैचमेंट एरिया में पौधे लगाना जरूरी है।




प्रदेश में प्याज के मूल्यों पर नियंत्रण कायम रखने तथा उपभोक्ताओं को प्याज की निरन्तर आपूर्ति बनाए रखने के लिए 'मध्यप्रदेश प्याज व्यापारी (स्टॉक सीमा तथा जमाखोरी पर निर्बन्धन) आदेश 2019' जारी किया गया है। इसके अनुसार थोक प्याज व्यापारी तथा कमीशन एजेंट के लिये अधिकतम 500 क्विंटल तथा फुटकर व्यापारी के लिये अधिकतम 100 क्विंटल स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है। यह आदेश 30 नवम्बर 2019 तक प्रभावी रहेगा।